BLOG
( भारतीय संविधान विशेष – गणतंत्र दिवस) नंदलाल बोस चित्रकार वह परिवारों में अनुशासन का समय था। बच्चे बहुत आज्ञाकारी हुआ करते थे। वह बच्चा भी बहुत आज्ञाकारी था। पिता जो बोल दें, वही पत्थर...
(संविधान सभा के अध्यक्ष और प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद पर मेरी एक साल 2009 में लिखी पुरानी रचना है) भारत राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, “सच्ची स्वतंत्रता...
ब्रायन जॉनसन उद्यमी एवं आविष्कारक ज्यादातर लोगों की जिंदगी कुएं के मेंढक की कथा को दोहराते बीत जाती है। कुछ ही होते हैं, जो अपने कुएं से निकल सरोवर और सागर देख पाते हैं। वह मध्यवर्गीय अमेरिकी युवा भी...
हिन्दुस्तान और हिंदी की मजबूत वकालत श्रीधर वेम्बू कंप्यूटर वैज्ञानिक व उद्यमी वह फूलों का मौसम था। सारे फूल खिले हुए थे या खिलने को मचल रहे थे। अमेरिका में बसंत की बहार थी। देखकर मन खिल उठता था, खिले...
जब पिता के पात्रों से परेशान हुआ पुत्र साहित्यकार अपने जमाने में पिता मैट्रिक पास थे, पर न जाने क्यों कहीं पक्की नौकरी नहीं लगती थी। गरीबी किसी चिपकू रिश्तेदार की तरह बार-बार लौट आती थी। पिता की पढ़ाई...
मदन मोहन मालवीय महान शिक्षक और राजनेता संसार में अधिकतर लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। उन्हें लगता ही नहीं है कि दूसरों के हित में भी सोचना चाहिए। यहां तक कि उन्हें अपने निकट परिजन, परिवार की भी...
राम-भाव ने उन्हें भारत पहुंचा दिया कामिल बुल्के रामकथा के मर्मज्ञ हमारे संसार की गाथा में रामकथा ऐसी घुली हुई है, मानो दूध में मिश्री। धरती के रोम-रोम पर रामकथा का रस ठीक वैसे ही झर रहा है, जैसे सुबह...
भोजपुरी के सबसे बड़े गीतकार की राम कहानी महेंद्र मिसिर भोजपुरी गीतकार व गायक वह दादी के दुलारे थे। उन्हें दादी ने ही महादेव के मंदिर महेंद्रनाथ में माथा टेकते मांगा था। सब मान रहे थे कि महेंद्रनाथ के...
जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो… आनंद बख्शी विख्यात गीतकार चूंकि जिंदगी हर कदम एक नई जंग है, तो जिंदगी इम्तिहान लेती है और लोग इम्तिहान में कामयाब होने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं।...
जब कुंज बिहारी को खुलकर पुकारा अच्युता गोपी कृष्ण भक्त गायिका कोई रंग असुंदर नहीं। हर रंग का अपना सौंदर्य है। प्रकृति में श्वेत की सुंदरता अश्वेत से और अश्वेत की सुंदरता श्वेत से है, पर मानव...
दिल-दिमाग में बसा रहा अखंड भारत भारतीय राष्ट्रवादी उद्यमी कुछ शख्स ऐसे होते हैं, जिनकी जिंदगी में कदम-कदम पर बड़े मोड़ आते हैं। अलीगढ़ के उस नौजवान के साथ भी ऐसा ही था। दस की उम्र तक मदरसे में दीनी...
वीर कभी तमाशा नहीं देखा करते महावीर चक्र विजेता योद्धा बनारस के कोतवाल साहब का वह लड़का अलग ही मिट्टी का बना था। उम्र किशोर वय अर्थात तेरहवें साल पर अभी चढ़ी ही थी। वह थोड़ा हकलाता था, पर कभी किसी काम...
देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून अब्दुल हमीद परमवीर चक्र विजेता एक वेद वाक्य है- मा हस्यिंात सर्वा भूतानि अर्थात किसी भी जीव के साथ हिंसा न कीजिए। भारतीय संस्कृति में यहां तक संदेश दिया गया है कि मन...
हरि ओम शरण भजन गायक समय बदलावों की बारिश करते हुए भागता रहता है। बताते हैं, महाराजा रणजीत सिंह के समय लाहौर में बनारस से भी ज्यादा मंदिर, गुरुद्वारे थे। आज से सौ साल पहले हर दस लाहौरी में पांच टोपी...
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पिछले अनेक चुनावों में सबसे यादगार रहेगा। इस सदी में यह पहला चुनाव है, जिसमें बिहार में पीढ़ी परिवर्तन होता दिख रहा है। पिछले चार या पांच दशक से जो नेता बिहार की राजनीति को...
पंद्रह साल बाद लौंडा नाच का नचनिया मनोज फिर गांव में दिखा। उसे देखते ही पुरानी यादें ताजा हो गईं। साल 2010 में उससे मुलाकात हुई थी, तब वह पैदल ही घर के सामने से जा रहा था और उसे रोककर मैंने कुछ बातें...
बिहार तो बहुत रुलाता ही है, पर उत्तर प्रदेश को भी अक्सर अपशब्द सुनने पड़ते हैं। जिसे देखिए, वही उत्तर प्रदेश और बिहार को निशाने पर लेकर आलोचना करता है। लोग यह भूल गए हैं कि देश जब आजाद हुआ था, तब 1960...
(शोले के पचास वर्ष होने पर विशेष लेख, हिन्दुस्तान में प्रकाशित) भारत की स्वतंत्रता का संघर्ष बेमिसाल है। दुनिया जानती है, इस संघर्ष के सबसे बड़े प्रतीक-प्रतिनिधि नेता मोहनदास करमचंद गांधी की बुनियाद...
बर्मिंघम के मैदान पर भारत कभी टेस्ट मैच नहीं जीता था। टाइगर पटौदी से लेकर बुमराह की कप्तानी तक भारत को एक के एक हार मिलती रही। कुल आठ टेस्ट मैच हुए थे, जिनमें से केवल एक मैच भारत यहां ड्रा पर रोक पाया...
तेनजिन ग्यात्सो जन्मदिन – 6 जुलाई 14वें दलाई लामा जब जड़ें किसी जमीन से उखड़कर चोटिल होती हैं, तो शायद फिर कभी ठीक नहीं हो पाती हैं। इंसान के साथ भी ऐसा ही है, जन्मभूमि छूट जाए, तो दिल में लगी चोट...