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नक्सलियों की कोई जरूरत नहीं

याद आ गया दंतेवाड़ा का गदापाल गांव छत्तीसगढ़ मुझे सदा से प्रिय रहा है। अति व्यस्त रही जिंदगी के बावजूद दो बार मुझे बस्तर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा जाने का मौका मिला है। दोनों ही बार जंगलों के बीच से सूनी...

भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में क्या है?

समापन भाग भरत मुनि का नाट्यशास्त्र और सिनेमा नाट्यशास्त्र आखिर जरूरी है? विशेष रूप से नाट्यशास्त्र का छठा और सातवां अध्याय बहुत काम का है और हमेशा काम का रहेगा। ये दो अध्याय ऐसे हैं, जो नाट्य समाज ही...

अभिनय के गुरु इब्राहिम अल्काजी

भाग – 3 भरत मुनि का नाट्यशास्त्र और सिनेमा आधुनिक भारतीय अभिनय गुरु भारत के अपने सबसे बड़े दिग्गज नाट्यगुरु इब्राहिम अल्काजी भी लावस्की को ही मान्यता देते थे। लावस्की की अभिनय धारा में ही...

भरत मुनि का नाट्यशास्त्र और सिनेमा

भाग – 2  नाट्यशास्त्र को क्यों भूल गए? शायद हमने आजादी मिलते ही यह तय कर लिया था कि हम ऋषि-मुनियों के लिखे शास्त्रों को कहीं नहीं पढ़ाएंगे। हमने यह मान लिया कि हमारे शास्त्रों में जो भी लिखा है...

भरतमुनि का नाट्यशास्त्र और सिनेमा

ज्ञानेश उपाध्याय सिनेमा आज एक महा-विधा है, जिसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य, तीनों अपनी पूरी व्यापकता के साथ निहित हैं। सिनेमा में जो कला है, उसमें भी अनेक कलाओं का समावेश है। उसके विज्ञान में भी अनेक...

संविधान निर्माता सच्चिदानंद सिन्हा की कहानी

(संविधान विशेष : गणतंत्र दिवस विशेष) सच्चिदानंद सिन्हा संविधान निर्माता यह भी गजब प्रदेश है, जिसकी पीठ में रीढ़ की तरह मैया गंगा गुजरती हैं। वह जैसे ही बिहार की माटी का स्पर्श करती हैं, कर्मनाशा और...

बाबासाहेब ने खींच दी लकीर भीमकाय

(संविधान विशेष – गणतंत्र दिवस) बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर संविधान निर्माता, समाज सुधारक बीसवीं सदी का दूसरा वर्ष चल रहा था। परीक्षाएं बीत गई थीं और गर्मी की छुट्टियां भी शुरू हो गई थीं। तीन बच्चे...

संविधान को चित्रों को सजाने वाले नंदलाल बोस

( भारतीय संविधान विशेष – गणतंत्र दिवस) नंदलाल बोस चित्रकार   वह परिवारों में अनुशासन का समय था। बच्चे बहुत आज्ञाकारी हुआ करते थे। वह बच्चा भी बहुत आज्ञाकारी था। पिता जो बोल दें, वही पत्थर...

प्रथम राष्ट्रपति का राजेंद्र प्रसाद का गांव और घर

(संविधान सभा के अध्यक्ष और प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद पर मेरी एक साल 2009 में लिखी पुरानी रचना है) भारत राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, “सच्ची स्वतंत्रता...

हमेशा जवान रहने की ठान ली जिद

ब्रायन जॉनसन उद्यमी एवं आविष्कारक ज्यादातर लोगों की जिंदगी कुएं के मेंढक की कथा को दोहराते बीत जाती है। कुछ ही होते हैं, जो अपने कुएं से निकल सरोवर और सागर देख पाते हैं। वह मध्यवर्गीय अमेरिकी युवा भी...

अपने गांव में रहकर अरबों डॉलर कमा रहे श्रीधर वेम्बू

हिन्दुस्तान और हिंदी की मजबूत वकालत श्रीधर वेम्बू कंप्यूटर वैज्ञानिक व उद्यमी वह फूलों का मौसम था। सारे फूल खिले हुए थे या खिलने को मचल रहे थे। अमेरिका में बसंत की बहार थी। देखकर मन खिल उठता था, खिले...

शरत चंद्र कैसे बने महान लेखक?

जब पिता के पात्रों से परेशान हुआ पुत्र साहित्यकार अपने जमाने में पिता मैट्रिक पास थे, पर न जाने क्यों कहीं पक्की नौकरी नहीं लगती थी। गरीबी किसी चिपकू रिश्तेदार की तरह बार-बार लौट आती थी। पिता की पढ़ाई...

मां के आंसुओं से उपजे महामना मदन मोहन मालवीय

मदन मोहन मालवीय महान शिक्षक और राजनेता संसार में अधिकतर लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। उन्हें लगता ही नहीं है कि दूसरों के हित में भी सोचना चाहिए। यहां तक कि उन्हें अपने निकट परिजन, परिवार की भी...

पादरी कामिल बुल्के की राम कहानी

राम-भाव ने उन्हें भारत पहुंचा दिया कामिल बुल्के रामकथा के मर्मज्ञ हमारे संसार की गाथा में रामकथा ऐसी घुली हुई है, मानो दूध में मिश्री। धरती के रोम-रोम पर रामकथा का रस ठीक वैसे ही झर रहा है, जैसे सुबह...

पटना से बैदा बोलाई दऽ

भोजपुरी के सबसे बड़े गीतकार की राम कहानी महेंद्र मिसिर भोजपुरी गीतकार व गायक वह दादी के दुलारे थे। उन्हें दादी ने ही महादेव के मंदिर महेंद्रनाथ में माथा टेकते मांगा था। सब मान रहे थे कि महेंद्रनाथ के...

आनंद बख्शी की जिंदगी का सफर

जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो… आनंद बख्शी विख्यात गीतकार चूंकि जिंदगी हर कदम एक नई जंग है, तो जिंदगी इम्तिहान लेती है और लोग इम्तिहान में कामयाब होने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं।...

अच्युता गोपी कैसे बन गई कृष्ण भक्त?

जब कुंज बिहारी को खुलकर पुकारा अच्युता गोपी कृष्ण भक्त गायिका   कोई रंग असुंदर नहीं। हर रंग का अपना सौंदर्य है। प्रकृति में श्वेत की सुंदरता अश्वेत से और अश्वेत की सुंदरता श्वेत से है, पर मानव...

ख्वाजा अब्दुल हामीद और अखंड भारत

दिल-दिमाग में बसा रहा अखंड भारत भारतीय राष्ट्रवादी उद्यमी कुछ शख्स ऐसे होते हैं, जिनकी जिंदगी में कदम-कदम पर बड़े  मोड़ आते  हैं। अलीगढ़ के उस नौजवान के साथ भी ऐसा ही था। दस की उम्र तक मदरसे में दीनी...

महावीर मोहम्मद उस्मान को भूल न पाएगा भारत

वीर कभी तमाशा नहीं देखा करते महावीर चक्र विजेता योद्धा बनारस के कोतवाल साहब का वह लड़का अलग ही मिट्टी का बना था। उम्र किशोर वय अर्थात तेरहवें साल पर अभी चढ़ी ही थी। वह थोड़ा हकलाता था, पर कभी किसी काम...

अब्दुल हमीद कैसे बने परमवीर विजेता

देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून अब्दुल हमीद परमवीर चक्र विजेता एक वेद वाक्य है- मा हस्यिंात सर्वा भूतानि अर्थात किसी भी जीव के साथ हिंसा न कीजिए। भारतीय संस्कृति में यहां तक संदेश दिया गया है कि मन...