BLOG

लड़कर किसको क्या मिलता है : मिखाइल गोर्बाच्योफ

(आज जो लोग व्लादिमीर पुतिन का रूस देख रहे हैं, उन्हें जरूर जानना चाहिए कि गोर्वाच्योफ के समय रूस या सोवियत संघ कैसा था ? जमीन आसमान का अंतर आ गया है। यहां उनके जीवन की एक कथा पेश है।) नाना कैद से...

कला दुनिया ने उन्हें प्यार से कहा, बाबा

वह संगीत में और संगीत उसमें बसता था। पिता सितार बजाते थे, तो उसके दिलो-दिमाग के तार बज उठते थे- सा रे ग म प ध नि सां…।  इस आरोह में एक लहर सी उठती थी और फिर अवरोह पर आती थी- सां नि ध प म ग रे...

आपदा देखते जन्मा महान फिल्मकार

अकीरा कुरोसावा ,मशहूर जापानी फिल्मकार आपदाएं सिर्फ बाहरी दुनिया में ही नहीं, मन में कहीं गहरे भी घटित होती हैं। हाहाकार सिर्फ ऊपर-बाहर से ही नहीं गुजर जाता, कहीं अंदर भी रगों में बहने लगता है। जो...

न्याय की गुहार लिए बस एक टेलीग्राम

अडूर गोपालकृष्णन, मशहूर फिल्मकार बादल जब अपने भारत आगमन का बिगुल बजा देते हैं, तब सबको पता है, वे आएंगे और सबसे पहले केरल को नहलाएंगे। ठीक पचास साल पहले भी यही सब हो रहा था, लेकिन उसी समय केरल में एक...

चार चराग तेरे बरन हमेशा

(जितना मैं समझ पाया हूं, उतना पेश हैयह टिप्पणी तब लिखी गई थी जब शाहबाज कलंदर की दरगाह पर हमला हुआ था ) वे भटके हुए लोग सदियों से चीख रहे हैं कि खुद को सूफी संत कहकर पूजा-आराधना लेने वाले शैतान के नबी...