कला दुनिया ने उन्हें प्यार से कहा, बाबा
वह संगीत में और संगीत उसमें बसता था। पिता सितार बजाते थे, तो उसके दिलो-दिमाग के तार बज उठते थे- सा रे ग म प ध नि सां…। इस आरोह में एक लहर सी उठती थी और फिर अवरोह पर आती थी- सां नि ध प म ग रे सा। बार-बार गूंजता रहता था और …
