January 18, 2026

संविधान निर्माता सच्चिदानंद सिन्हा की कहानी

(संविधान विशेष : गणतंत्र दिवस विशेष) सच्चिदानंद सिन्हा संविधान निर्माता यह भी गजब प्रदेश है, जिसकी पीठ में रीढ़ की तरह मैया गंगा गुजरती हैं। वह जैसे ही बिहार की माटी का स्पर्श करती हैं, कर्मनाशा और घाघरा आ मिलती हैं। उत्तर में हिमालय की ओर से आ रही गंडक , उसके बाद बागमती, बूढ़ी …

संविधान निर्माता सच्चिदानंद सिन्हा की कहानी Read More »

बाबासाहेब ने खींच दी लकीर भीमकाय

(संविधान विशेष – गणतंत्र दिवस) बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर संविधान निर्माता, समाज सुधारक बीसवीं सदी का दूसरा वर्ष चल रहा था। परीक्षाएं बीत गई थीं और गर्मी की छुट्टियां भी शुरू हो गई थीं। तीन बच्चे सतारा में अपने घर से पूरी तैयारी के साथ निकले थे, दो भाई और एक भतीजा, उनमें एक ही बच्चा …

बाबासाहेब ने खींच दी लकीर भीमकाय Read More »

संविधान को चित्रों को सजाने वाले नंदलाल बोस

( भारतीय संविधान विशेष – गणतंत्र दिवस) नंदलाल बोस चित्रकार   वह परिवारों में अनुशासन का समय था। बच्चे बहुत आज्ञाकारी हुआ करते थे। वह बच्चा भी बहुत आज्ञाकारी था। पिता जो बोल दें, वही पत्थर की लकीर। पिता जानते थे कि उनका पुत्र कक्षा में बैठ पढ़ता-सुनता कम है, चित्र ज्यादा बनाता है। समय …

संविधान को चित्रों को सजाने वाले नंदलाल बोस Read More »

प्रथम राष्ट्रपति का राजेंद्र प्रसाद का गांव और घर

(संविधान सभा के अध्यक्ष और प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद पर मेरी एक साल 2009 में लिखी पुरानी रचना है) भारत राष्ट्र के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, “सच्ची स्वतंत्रता के लिए अपनी जरूरतों को कम करना चाहिए।” उन्होंने अपने जीवन में जरूरतों को इतना कम कर लिया कि उनके बारे में …

प्रथम राष्ट्रपति का राजेंद्र प्रसाद का गांव और घर Read More »

हमेशा जवान रहने की ठान ली जिद

ब्रायन जॉनसन उद्यमी एवं आविष्कारक ज्यादातर लोगों की जिंदगी कुएं के मेंढक की कथा को दोहराते बीत जाती है। कुछ ही होते हैं, जो अपने कुएं से निकल सरोवर और सागर देख पाते हैं। वह मध्यवर्गीय अमेरिकी युवा भी अपने आरामदेह कुएं से निकला था और पहली बार ऐसी दुनिया देख रहा था, जहां गरीबी …

हमेशा जवान रहने की ठान ली जिद Read More »

अपने गांव में रहकर अरबों डॉलर कमा रहे श्रीधर वेम्बू

हिन्दुस्तान और हिंदी की मजबूत वकालत श्रीधर वेम्बू कंप्यूटर वैज्ञानिक व उद्यमी वह फूलों का मौसम था। सारे फूल खिले हुए थे या खिलने को मचल रहे थे। अमेरिका में बसंत की बहार थी। देखकर मन खिल उठता था, खिले हुए मन में अच्छे-अच्छे विचार आते थे। उस 26 वर्षीय युवा के मन में भी …

अपने गांव में रहकर अरबों डॉलर कमा रहे श्रीधर वेम्बू Read More »

शरत चंद्र कैसे बने महान लेखक?

जब पिता के पात्रों से परेशान हुआ पुत्र साहित्यकार अपने जमाने में पिता मैट्रिक पास थे, पर न जाने क्यों कहीं पक्की नौकरी नहीं लगती थी। गरीबी किसी चिपकू रिश्तेदार की तरह बार-बार लौट आती थी। पिता की पढ़ाई के चलते उनकी शादी अच्छे बड़े घर में हुई थी और वह बड़ा घर ही सहारा …

शरत चंद्र कैसे बने महान लेखक? Read More »

मां के आंसुओं से उपजे महामना मदन मोहन मालवीय

मदन मोहन मालवीय महान शिक्षक और राजनेता संसार में अधिकतर लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। उन्हें लगता ही नहीं है कि दूसरों के हित में भी सोचना चाहिए। यहां तक कि उन्हें अपने निकट परिजन, परिवार की भी चिंता नहीं सताती है। ऐसे लोगों के लिए एक ऐसा घोंसला होता है घर, जहां …

मां के आंसुओं से उपजे महामना मदन मोहन मालवीय Read More »

पादरी कामिल बुल्के की राम कहानी

राम-भाव ने उन्हें भारत पहुंचा दिया कामिल बुल्के रामकथा के मर्मज्ञ हमारे संसार की गाथा में रामकथा ऐसी घुली हुई है, मानो दूध में मिश्री। धरती के रोम-रोम पर रामकथा का रस ठीक वैसे ही झर रहा है, जैसे सुबह सूर्यदेव की किरणें। रामकथा बेल्जियम के उस युवा तक भी पहुंची है, जो सिविल इंजीनियरिंग …

पादरी कामिल बुल्के की राम कहानी Read More »

पटना से बैदा बोलाई दऽ

भोजपुरी के सबसे बड़े गीतकार की राम कहानी महेंद्र मिसिर भोजपुरी गीतकार व गायक वह दादी के दुलारे थे। उन्हें दादी ने ही महादेव के मंदिर महेंद्रनाथ में माथा टेकते मांगा था। सब मान रहे थे कि महेंद्रनाथ के प्रताप से ही पत्थर पर पुष्प खिला है, आंगन में बरसों इंतजार के बाद किलकारियों की …

पटना से बैदा बोलाई दऽ Read More »