Gyanesh Upadhyay

महाकुम्भ मेला 2025 सुखद-दुखद स्मृतियां

महाकुम्भ मेला 2025 अपनी सुखद-दुखद स्मृतियों के साथ समाप्त होने को है। कितनों ने कितना पुण्य कमाया, यह विचार की बात नहीं है, सहज स्वीकार्य आस्था की बात है। तर्क अपनी जगह है और कुम्भ की अनेक बातें अपनी जगह। सुविधा है कि आप प्रश्न उठा सकते हैं। प्रश्नों और उनके उत्तर से श्रद्धा बढ़ती …

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फिर लौट जाएंगे उस देश कुरजां

जाड़ा शुरू होने से पहले ही वो भारत आ जाते हैं और जाड़ा खत्म होते ही वापस लौट जाते हैं। अब भारत में गर्मी शुरू हो रही है और कुरजां के लौट जाने का समय हो रहा है। दूर देश से चले आते हैं पक्षी…दूर देश को चले जाते हैं…क्योंकि  इन्होंने दुनिया को नहीं बांटा…। …

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संस्कृत और देवनाथन जी की याद

(संस्कृत की चर्चा होती है, तो प्रोफेसर रामानुज देवनाथन जी मुझे अनायास याद आते हैं।) १८ फरवरी २०१६ को नई दिल्ली में उनसे अंतिम भेंट हुई थी। राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी पर केन्द्रित विद्वतापूर्ण आयोजन था। रामानंदाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के साथ मंच पर विराजमान वे अपना व्याख्यान …

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सिर्फ 18 रुपये 75 पैसे का था एक तोला सोना

सोने की बढ़ती कीमत आश्चर्य में डाल देती है। जब भी सोने की कीमत की चर्चा चलती है, तो लोग सोचने लगते हैं कि पहले कितना सस्ता था सोना। हालांकि, सच यही है कि सोना कभी सस्ता नहीं रहा है। आज सोने का भाव प्रति तोला 85 हजार रुपये तक पहुंच गया है, पर सौ …

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गंगा कभी-कभी उल्टी भी बहती है

भिखारी ठाकुर, प्रसिद्ध लोक कलाकार सागर के स्वभाव में ही ऐसा उफान है, जो देखने वाले के तन-मन में ज्वार का रोग लगा देता है। उस दिन यही तो हुआ था। एक युवा हजाम सागर के पास अचंभित खड़ा था, ठीक वैसे ही जैसे कभी रामजी के साथ आए वानर खड़े होंगे। पहली बार सागर …

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16 साल पहले भी मैं यही सोचता था

(दिसंबर 2008 में मैंने यह लिखा – अपने ब्लॉग ज्ञानघर पर। आज भी मेरी सोच पत्रकारिता और अपने बारे में ऐसी ही है। ) मैंने खबरों के साथ-साथ विचारों की भी पत्रकारिता खूब की है, अत: तमाम पार्टियों के विचारों से मैं करीबी से रू-ब-रू हुआ हूं। सपा, बसपा हो या भाजपा या कांग्रेस या …

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सौ साल तक बजाता रहूं बांसुरी : पंडित हरिप्रसाद चौरसिया

प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया अब 86 वर्ष के हो चुके हैं। उनका जन्म प्रयागराज में हुआ था और अब वह मुंबई में रहते हैं। अभी भी बांसुरी वादन करते हैं और उनकी इच्छा है कि उम्र के सौ साल तक बांसुरी बजाते रहें। बांसुरी बजाते हुए उनका मन अभी नहीं भरा है और …

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राधाजी ने बना दिया सर्वश्रेष्ठ नृत्यांगना

मार्था ग्राहम, प्रसिद्ध नृत्यांगना सच्ची लयकारी बाहर से नहीं आती, अंदर से उठती है और नृत्य का मन होता है। उस लड़की का मन भी लय से सराबोर था। अमेरिका के सांता बारबरा, कैलिफोर्निया में रहने वाला उसका परिवार लगभग नियमित चर्च जाता था। गीत-संगीत के सीमित अवसर थे और उस लड़की को अक्सर ऊबन …

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टैगोर के बागबां ने बना दिया गुलजार

(भारत के एक महान गीतकार गुलजार पर लिखे गए वो लम्हा कॉलम से, यह कॉलम हिन्दुस्तान समाचार पत्र में प्रति रविवार प्रकाशित होता है) अब चार आना मतलब चवन्नी मतलब पच्चीस पैसे का कुछ नहीं आता, पर तब बहुत कुछ आता था। जब यह देश आजाद हुआ था, सत्ताईस पैसे में ही एक लीटर पेट्रोल …

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बाबा साहेब को फिर समझने की जरूरत

(बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की पुस्तक – पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन पढ़ने के बाद) लाहौर में मुस्लिम लीग ने साल 1940 में पाकिस्तान का प्रस्ताव रखा। देश भर में दंगे हुए, पर मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग की और कांग्रेस ने पाकिस्तान का विरोध किया। राजनीति तेज हो गई, पर बाबा साहेब …

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