Gyanesh Upadhyay

गंगा जी का सूखना और अंतिम युद्ध की तैयारी

भारतीय फिल्मों की कमाई के आंकड़े कभी बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं, पर इतना तय है कि अद्भुत फिल्मकार नाग अश्विन की फिल्म कल्कि 2898 एडी कमाई करने वाली टॉप दस भारतीय फिल्मों में शुमार हो चुकी है। इस फिल्म के बारे में सबसे खास बात यह है कि बाकी टॉप फिल्मों में हमने इतिहास …

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जब प्रभात झा 42 के थे और नरेंद्र मोदी 48

श्रद्धांजलि लेख बीसवीं सदी के समापन वर्ष बीत रहे थे। एक दिन भोपाल में अरेरा कॉलोनी स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचा। आलीशान पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिसर और उसमें दायीं ओर आवासीय परिसर था, जहां नंद कुमार साय जैसे नेता अक्सर रहते-मिलते थे, जो नमक नहीं खाते थे। भवन में घुसते ही बायीं ओर, प्रेस वार्ता के …

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हम भी अपने दस साल का हिसाब करें

भारतीय जनता पार्टी ने पिछले दस वर्षों में क्या-क्या किया है? प्रमुख विपक्षी दल अखिल भारतीय कांग्रेस ने पिछले दस वर्षों में कहां-कहां झंडे गाड़े हैं? वामपंथियों ने पिछले दस वर्षों में लोगों के बीच कैसे अपनी पैठ बढ़ाई है? समाजवादी पार्टी ने समाज के सामने समाजवाद का कौन सा नया आदर्श खड़ा किया है? …

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बिहार को क्या हरा देंगे ईशान किशन?

एक खिलाड़ी ईशान किशन का यहां जरूर नाम लेना चाहिए। बिहार खिलाड़ियों की उर्वर भूमि नहीं है, यहां पत्थर पर ही कभी-कभी फूल खिलते हैं। ईशान भी एक सुंदर फूल हैं। कम उम्र में ही एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ चुके हैं। बेहतरीन प्रतिभा वाले निडर सलामी बल्लेबाज हैं और विकेट कीपर भी, लेकिन …

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रोहित शर्मा बनाम हार्दिक पांड्या!

रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की तुलना व्यर्थ है, पर मुंबई इंडियन टीम की कप्तानी से जिस तरह से रोहित शर्मा को हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाया गया है, उससे क्रिकेट की दुनिया को हमेशा के लिए एक विवाद मिल गया है। कप्तानी से हटाए जाने के बावजूद रोहित शर्मा अच्छा खेल रहे हैं, जबकि …

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कुमार शहानी और मणि कौल का महत्व

सिनेमा के विशाल घर में भी पूजा या इबादत का एक कोना है, जहां बेहतर इंसान होना बुनियादी शर्त है। अगर आप जगे हुए इंसान नहीं हैं, तो इस पवित्र कोने पर आपकी नजर ही नहीं पड़ेगी। बेशक, बहुत सा सिनेमा सिर्फ दिखावा या शो-बाजी है। कुछ ही सिनेमा प्रेम या हृदय तक पहुंचता है …

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पुरानी डायरी के कुछ पन्ने -1

मंदिर, शीतलपुर बाजार, Sheetalpur Bazar, ब्लॉक मांझी, जिला – सारण, बिहार (साल 2008 का लिखा हुआ) जाति कहीं हमारे संस्कारों में शामिल है, लेकिन मैंने ईमानदार आत्मसमीक्षा के बाद यह महसूस किया है कि मेरे दिल में भी जाति के कुछ जर्रे विद्यमान हैं, हालांकि वे प्रभावी कभी नहीं रहे। जब वे जर्रे जोर मारते …

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यूसुफ खान मतलब दिलीप कुमार

दिलीप कुमार पाकिस्तान में भी बहुत लोकप्रिय हैं, पाकिस्तान के दर्शक भी उन्हें अपना कलाकार मानते हैं। पाकिस्तान की धरती और वहां के लोगों के प्रति दिलीप कुमार ने हमेशा प्रेम दर्शाया है। वे कभी भूल नहीं पाए कि वे भी पाकिस्तानी जमीन – पेशावर से भारत आए थे और पूरे होशो-हवाश में आए थे। …

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मैं राधा बन जाऊं और तुम कृष्ण

उदय शंकर, महान भारतीय नर्तक कहा जाता है, बिना डूबे मोती हासिल नहीं होता। वह युवा भी अपने हिस्से के मोती की खोज में लगा था। कला दुनिया में ही रहता था, लंदन में रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट में शिक्षा ले रहा था। मन में भारत बसा था, वह कला समृद्ध भारत, जिसके एक हाथ …

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एक नाच हुआ करता था

मेरी 13 साल पुरानी रिपोर्ट मैं लौंडे की बात करने वाला हूँ , माफ कीजिएगा, मैं कोई अश्लील टिप्पणी नहीं करूंगा। जो लोग बिहार की नाट्य शैली नाच को जानते हैं, उनके लिए लौंडा वह है, जो स्त्री पोशाक पहनकर नाचता है, स्त्रियों की तरह स्वांग रचता है। बचपन में साल १९७८-७९ में कुल जमा …

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