Gyanesh Upadhyay

हरि ओम शरण कैसे बने भजन गायक?

हरि ओम शरण भजन गायक समय बदलावों की बारिश करते हुए भागता रहता है।  बताते हैं, महाराजा रणजीत सिंह के समय लाहौर में बनारस से भी ज्यादा मंदिर, गुरुद्वारे थे। आज से सौ साल पहले हर दस लाहौरी में पांच टोपी वाले, तीन टीके वाले और दो पगड़ी वाले थे। अमृतसरी गेट और लाहौरी गेट …

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नए लालू नहीं, नए नीतीश की जरूरत

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पिछले अनेक चुनावों में सबसे यादगार रहेगा। इस सदी में यह पहला चुनाव है, जिसमें बिहार में पीढ़ी परिवर्तन होता दिख रहा है। पिछले चार या पांच दशक से जो नेता बिहार की राजनीति को संचालित कर रहे थे, इस चुनाव में कमजोर पड़ते दिखे हैं। लालू प्रसाद यादव अब पिछली …

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फिर मिला लौंडा नाच का नचनिया मनोज

पंद्रह साल बाद लौंडा नाच का नचनिया मनोज फिर गांव में दिखा। उसे देखते ही पुरानी यादें ताजा हो गईं। साल 2010 में उससे मुलाकात हुई थी, तब वह पैदल ही घर के सामने से जा रहा था और उसे रोककर मैंने कुछ बातें की थीं, जिसे मैंने तब लिखा भी था। इस बार साल …

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शायद जाग रहे बिहारी

बिहार तो बहुत रुलाता ही है, पर उत्तर प्रदेश को भी अक्सर अपशब्द सुनने पड़ते हैं। जिसे देखिए, वही उत्तर प्रदेश और बिहार को निशाने पर लेकर आलोचना करता है। लोग यह भूल गए हैं कि देश जब आजाद हुआ था, तब 1960 के दशक में उत्तर प्रदेश (तब अविभाजित) देश का सबसे बड़ा आर्थिक …

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स्वतंत्रता, संकोच और फिल्म शोले

(शोले के पचास वर्ष होने पर विशेष लेख, हिन्दुस्तान में प्रकाशित) भारत की स्वतंत्रता का संघर्ष बेमिसाल है। दुनिया जानती है, इस संघर्ष के सबसे बड़े प्रतीक-प्रतिनिधि नेता मोहनदास करमचंद गांधी की बुनियाद सत्य, प्रेम और अहिंसा पर आधारित है। इन तीन प्राचीन सद्गुणों ने मिलकर भारतीयों में एक प्रकार के विरल संकोच को पुष्ट …

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शुभमान गिल, आकाश दीप ने रचा इतिहास

बर्मिंघम के मैदान पर भारत कभी टेस्ट मैच नहीं जीता था। टाइगर पटौदी से लेकर बुमराह की कप्तानी तक भारत को एक के एक हार मिलती रही। कुल आठ टेस्ट मैच हुए थे, जिनमें से केवल एक मैच भारत यहां ड्रा पर रोक पाया था। कपिल देव को ही यहां मैच ड्रा कराने का गौरव …

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भारत कैसे और क्यों आए दलाई लामा

तेनजिन ग्यात्सो जन्मदिन – 6 जुलाई 14वें दलाई लामा जब जड़ें किसी जमीन से उखड़कर चोटिल होती हैं, तो शायद फिर कभी ठीक नहीं हो पाती हैं। इंसान के साथ भी ऐसा ही है, जन्मभूमि छूट जाए, तो दिल में लगी चोट ताउम्र दुखती है। जन्मभूमि तो नहीं छूटी थी, पर उन लामा को दुख …

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खुदा के लिए समझिए कि हम भी कुछ समझते हैं – सरदार पटेल

सत्य सदा धर्म से ऊपर है। गलती करते हैं लोग, जब धर्म को ही सत्य मान लेते हैं और समस्या बन जाते हैं लोग, जब धर्म के अधीन असत्य का सहारा लेने लगते हैं। धर्म की विजय के लिए भी अगर कोई असत्य घटित होता है, तो भगवान श्रीकृष्ण को भी जहरीले वाण झेलने पड़ते …

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होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे

बाज़ीचा-ए-अत्फ़ाल है दुनिया मेरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे मिर्जा ग़ालिब जब दिल्ली थे, तब यहां करीब तीन लाख लोग रहते थे, आज तीन करोड़ के करीब रहते हैं। उनके सामने ही दुनिया बच्चों के खेलने का मैदान (बाज़ीचा-ए-अत्फ़ाल) थी, जहां रात-दिन तमाशा होता था। आज भी होता है, जब ग़ालिब नहीं हैं। लाल किले …

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ए रंगबती रे रंगबती

ए रंगबती रे रंगबती रंगबती-रंगबती कनक लोता हसी पदे कह लो कोथा हाय गो लाजे-लाजे गो लाजे-लाजे लाज लागे नोई जाउछे माथा गो नाईकर नाईकर ओथा… यह गाना जब बजता है या याद आता है, तो नोस्टेलजिक बना देता है। मन करता है, भागकर उड़ीसा की गलियों में चले जाएं। यह गीत अक्सर चर्चा में …

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