भरत मुनि का नाट्यशास्त्र और सिनेमा
भाग – 2 नाट्यशास्त्र को क्यों भूल गए? शायद हमने आजादी मिलते ही यह तय कर लिया था कि हम ऋषि-मुनियों के लिखे शास्त्रों को कहीं नहीं पढ़ाएंगे। हमने यह मान लिया कि हमारे शास्त्रों में जो भी लिखा है, वह दकियानूसी है, हमारे काम का नहीं है। अपने शास्त्र से सैद्धांतिक और व्यावहारिक दूरी …









