Gyanesh Upadhyay

अपने गांव में रहकर अरबों डॉलर कमा रहे श्रीधर वेम्बू

हिन्दुस्तान और हिंदी की मजबूत वकालत श्रीधर वेम्बू कंप्यूटर वैज्ञानिक व उद्यमी वह फूलों का मौसम था। सारे फूल खिले हुए थे या खिलने को मचल रहे थे। अमेरिका में बसंत की बहार थी। देखकर मन खिल उठता था, खिले हुए मन में अच्छे-अच्छे विचार आते थे। उस 26 वर्षीय युवा के मन में भी …

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शरत चंद्र कैसे बने महान लेखक?

जब पिता के पात्रों से परेशान हुआ पुत्र साहित्यकार अपने जमाने में पिता मैट्रिक पास थे, पर न जाने क्यों कहीं पक्की नौकरी नहीं लगती थी। गरीबी किसी चिपकू रिश्तेदार की तरह बार-बार लौट आती थी। पिता की पढ़ाई के चलते उनकी शादी अच्छे बड़े घर में हुई थी और वह बड़ा घर ही सहारा …

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मां के आंसुओं से उपजे महामना मदन मोहन मालवीय

मदन मोहन मालवीय महान शिक्षक और राजनेता संसार में अधिकतर लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। उन्हें लगता ही नहीं है कि दूसरों के हित में भी सोचना चाहिए। यहां तक कि उन्हें अपने निकट परिजन, परिवार की भी चिंता नहीं सताती है। ऐसे लोगों के लिए एक ऐसा घोंसला होता है घर, जहां …

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पादरी कामिल बुल्के की राम कहानी

राम-भाव ने उन्हें भारत पहुंचा दिया कामिल बुल्के रामकथा के मर्मज्ञ हमारे संसार की गाथा में रामकथा ऐसी घुली हुई है, मानो दूध में मिश्री। धरती के रोम-रोम पर रामकथा का रस ठीक वैसे ही झर रहा है, जैसे सुबह सूर्यदेव की किरणें। रामकथा बेल्जियम के उस युवा तक भी पहुंची है, जो सिविल इंजीनियरिंग …

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पटना से बैदा बोलाई दऽ

भोजपुरी के सबसे बड़े गीतकार की राम कहानी महेंद्र मिसिर भोजपुरी गीतकार व गायक वह दादी के दुलारे थे। उन्हें दादी ने ही महादेव के मंदिर महेंद्रनाथ में माथा टेकते मांगा था। सब मान रहे थे कि महेंद्रनाथ के प्रताप से ही पत्थर पर पुष्प खिला है, आंगन में बरसों इंतजार के बाद किलकारियों की …

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आनंद बख्शी की जिंदगी का सफर

जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो… आनंद बख्शी विख्यात गीतकार चूंकि जिंदगी हर कदम एक नई जंग है, तो जिंदगी इम्तिहान लेती है और लोग इम्तिहान में कामयाब होने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं। रावलपिंडी के आठवीं पास नौजवान के साथ भी ऐसा ही था, जिसकी जुबां उर्दू थी और फितरत फारसी। …

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अच्युता गोपी कैसे बन गई कृष्ण भक्त?

जब कुंज बिहारी को खुलकर पुकारा अच्युता गोपी कृष्ण भक्त गायिका   कोई रंग असुंदर नहीं। हर रंग का अपना सौंदर्य है। प्रकृति में श्वेत की सुंदरता अश्वेत से और अश्वेत की सुंदरता श्वेत से है, पर मानव समाज में श्वेत के वर्चस्व की भ्रांति पता नहीं कब से एक रोग की तरह संक्रमित है। …

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ख्वाजा अब्दुल हामीद और अखंड भारत

दिल-दिमाग में बसा रहा अखंड भारत भारतीय राष्ट्रवादी उद्यमी कुछ शख्स ऐसे होते हैं, जिनकी जिंदगी में कदम-कदम पर बड़े  मोड़ आते  हैं। अलीगढ़ के उस नौजवान के साथ भी ऐसा ही था। दस की उम्र तक मदरसे में दीनी तालीम हासिल हुई, हाफिज हुए और उसके बाद अचानक जिंदगी सामान्य शिक्षा की ओर मुड़ी। …

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महावीर मोहम्मद उस्मान को भूल न पाएगा भारत

वीर कभी तमाशा नहीं देखा करते महावीर चक्र विजेता योद्धा बनारस के कोतवाल साहब का वह लड़का अलग ही मिट्टी का बना था। उम्र किशोर वय अर्थात तेरहवें साल पर अभी चढ़ी ही थी। वह थोड़ा हकलाता था, पर कभी किसी काम में हिचकता नहीं था। दोस्तों के साथ गांव-गली में जितना खेलता था, उससे …

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अब्दुल हमीद कैसे बने परमवीर विजेता

देश के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून अब्दुल हमीद परमवीर चक्र विजेता एक वेद वाक्य है- मा हस्यिंात सर्वा भूतानि अर्थात किसी भी जीव के साथ हिंसा न कीजिए। भारतीय संस्कृति में यहां तक संदेश दिया गया है कि मन में भी किसी के प्रति हिंसा का भाव न लाएं। तभी तो मानव इतिहास …

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