बेशरम रंग का मतलब

‘पठान’ फिल्म का यह गीत नकारात्मक, लेकिन शायद व्यावहारिक भाव लिए हुए दिल में कहीं चुभता है। यह गीत राजनीतिक और नैतिक रूप से गलत है, लेकिन यह हमारे दौर का सच भी है। यह बेशरम होते लोगों का दौर है, जहां असंख्य लोग अब दावा करने लगे हैं कि हम बुरे ही सही हैं। हम गलत करेंगे, हम दूसरों को दुखी करेंगे, कोई हमारा क्या बिगाड़ लेगा?
हमारी दुनिया में बहुत से अच्छे लोग हैं, जिन्हें बेशरम बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिम्मेदारी और इंसानियत का एहसास एकतरफा हुआ जा रहा है। दूसरा तप करे, त्याग करे, जिम्मेदारी निभाए, हमने पहले भी मौज किया है और हम आगे भी मौज करेंगे। यह जो बेशरमी है, वह हर जगह व्याप्त है, इसलिए बेशरम रंग गीत चिंतित ही नहीं, कुछ दुखी भी करता है।
यह हिंदी गीत स्पेनिश शब्दों से शुरू होता है – इन एस्टा नोचे, ला वेडा एस कम्प्लेटा, एन एस्ते सेगुन्दो, ला वेडा एस विरिका… आज रात जिंदगी भरपूर है, इन पलों में जिंदगी के चर्चे हैं।
और फिर धीरे से शुरू होता है –
हमें तो लूट लिया मिलके इश्क वालों ने
बहुत ही तंग किया अब तक इन खयालों ने
नशा चढ़ा जो शरीफी का उतार फेंका है
बेशरम रंग कहां देखा दुनिया वालों ने . .
यह गीत एक प्रकार की हार का बखान करता है। कहता है कि जो शरीफी का नशा था, उसे उतार दिया है और अब दुनिया देखेगी मेरा बेशरम रंग।
हिंदी फिल्मों में ऐसे अवसर खूब आए हैं, जब सताए गए नायक ने शरीफी का चोला उतारकर दुश्मनों से बदला लिया है। शायद ऐसा ही कुछ पठान में होगा। शायद नायक तय कर लेता है कि अब से जो भी सही है, वह कभी नहीं करना है, और यहां से स्वत: ही गलती की शुरुआत हो जाएगी और दुनिया ने अभी बेशरम रंग देखा कहां है, अब देखेगी।
चिंता होती है या जानबूझकर इस गीत को बदमाश गीत बनाया गया है, जहां बेशरमी के उद्घोष के बावजूद किसी अन्य भाषा में जिंदगी को संपूर्ण, सफल, चर्चित बताया जा रहा है। व्यावसायिक सिनेमा फिर सनसनी पैदा करके मन को भटका रहा है, गलत दिशा में प्रेरित कर रहा है। क्या मूर्ख बना रहा है?
हालांकि, समाज में एक बड़ा तबका अब ऐसा हो गया है, जिसे इस गीत के भाव अच्छे लगेंगे, लेकिन खबरदार, यह गीत आपको परंपरागत रूप से अच्छा नहीं बनाएगा, आपको बेशरम बनाएगा, जहां हो सकता है, आप सच्चाइयों से आंखें मूंद लें और जयघोष करें कि आपकी जिंदगी कामयाब हो गई है।
लेकिन ध्यान रहे, जवाब इसी गीत में है –
हमें तो लूट लिया मिलके इश्क वालों ने
बहुत ही तंग किया अब तक इन खयालों ने. .
वाकई, कहीं भी चले जाइए, कुछ भी पहन, सोच लीजिए, लेकिन जो सच है, वह कभी आपका पीछा नहीं छोड़ेगा। इश्क वाले आपको लूट लेंगे और सच्चा इश्क आपको उठते-बैठते चैन न लेने देगा।

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