Gyanesh Upadhyay

यूसुफ खान मतलब दिलीप कुमार

दिलीप कुमार पाकिस्तान में भी बहुत लोकप्रिय हैं, पाकिस्तान के दर्शक भी उन्हें अपना कलाकार मानते हैं। पाकिस्तान की धरती और वहां के लोगों के प्रति दिलीप कुमार ने हमेशा प्रेम दर्शाया है। वे कभी भूल नहीं पाए कि वे भी पाकिस्तानी जमीन – पेशावर से भारत आए थे और पूरे होशो-हवाश में आए थे। …

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मैं राधा बन जाऊं और तुम कृष्ण

उदय शंकर, महान भारतीय नर्तक कहा जाता है, बिना डूबे मोती हासिल नहीं होता। वह युवा भी अपने हिस्से के मोती की खोज में लगा था। कला दुनिया में ही रहता था, लंदन में रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट में शिक्षा ले रहा था। मन में भारत बसा था, वह कला समृद्ध भारत, जिसके एक हाथ …

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एक नाच हुआ करता था

मेरी 13 साल पुरानी रिपोर्ट मैं लौंडे की बात करने वाला हूँ , माफ कीजिएगा, मैं कोई अश्लील टिप्पणी नहीं करूंगा। जो लोग बिहार की नाट्य शैली नाच को जानते हैं, उनके लिए लौंडा वह है, जो स्त्री पोशाक पहनकर नाचता है, स्त्रियों की तरह स्वांग रचता है। बचपन में साल १९७८-७९ में कुल जमा …

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अच्छे समाज को ही अच्छा सिनेमा देखने का अधिकार

(आदिपुरुष के बहाने दक्षिण और भक्ति) भारत में सनातन की भौतिक बुनियाद भले उत्तर में मजबूत हो, पर धर्म का संचालन दक्षिण से ही होता आया है। आदि शंकराचार्य केरल से आए थे, रामानुजाचार्य तमिलनाडु से और रामानंदाचार्य जी का अवतरण भले ही प्रयागराज में हुआ, पर यह बार-बार दोहराया जाता है कि भक्ति द्राविड़ …

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एक मनोज वाजपेयी काफी हैं

फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ आम लोगों के खास संघर्ष की बेमिसाल कहानी है। अब तक जो बायोपिक फिल्में बनी हैं, उनमें यह एक बेहतरीन पेशकश है। गाजे-बाजे, तामझाम, बनावटीपन से दूर रहते हुए भी यह फिल्म दर्शकों को बांधे रहती है। जब आप समाज के किसी सच को बिना-लाग लपेट उठाते हैं, तो …

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हृदय वही, जो कोमल है

दिलीप कुमार उपाध्याय (मेरे बड़े भैया की कलम से) दशरथनंदन श्रीराम के प्रति आदर्श भक्ति के बारे में यों तो श्रीमद् गोस्वामी तुलसीदास के साथ-साथ अन्य पूर्ववर्ती और परावर्ती भगवत भक्तों और महामुनियों तथा मनस्वियों ने विभिन्न प्रकार के पहलुओं को प्रमाणित तथा चरितार्थ किया है तथा नवधा भक्ति को सर्वसमर्थ और प्रासंगिक तथा प्रामाणिक …

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क्रोध का इतिहास : शिव, परशुराम और एंग्री यंगमैन

(अपनी पुस्तक ‘ सिनेमा हिन्दुस्तानी’ के अमिताभ बच्चन पर केंद्रित अध्याय ‘हम जहां खड़े हो जाते हैं’ से) अभिनय की दुनिया में अमिताभ बच्चन को उनके गुस्से के लिए ही ज्यादा जाना जाता है। गुस्सा अर्थात क्रोध अर्थात रौद्र। भारतीय शास्त्र में महादेव शिव को रुद्र कहा जाता है। शिव का क्रोध, शिव का तीसरा …

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जोधपुर जफर बिना… जंचै ई कोनी

जफर खान सिंधी को श्रद्धा अर्पित आजकल कुछ ऐसे लोग गए हैं, जो मेरे अंदर से भी कुछ ऐसा ले गए हैं कि शब्द कम पड़ने लगे हैं। लिखने के लिए कलम की नीब को ठोस होना पड़ता है, पर जब नीब ही पिघलने लगे, तो क्या कैसे लिखा जाए…। बीते सप्ताह जफर खान सिंधी …

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यह गुलमोहर शर्मिला नहीं है

भाग – एक गुलमोहर फिल्म कुछ दिन पहले ही देख लिया था। चकित था, बहुत दिनों बाद एक ऐसी आधुनिक, पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म आई है। फिर एक दिन सुबह प्रिय माननीय वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण जी का एक संदेश आया, ‘देखिए, गुलमोहर, मैंने भी एक छोटा सा काम किया है, पार्क में शर्मिला जी …

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