बिहार को क्या हरा देंगे ईशान किशन?

एक खिलाड़ी ईशान किशन का यहां जरूर नाम लेना चाहिए। बिहार खिलाड़ियों की उर्वर भूमि नहीं है, यहां पत्थर पर ही कभी-कभी फूल खिलते हैं। ईशान भी एक सुंदर फूल हैं। कम उम्र में ही एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ चुके हैं। बेहतरीन प्रतिभा वाले निडर सलामी बल्लेबाज हैं और विकेट कीपर भी, लेकिन उन्हें ध्यान रखना होगा, वह देश के जिस इलाके से आते हैं, वहां के लोगों को दुनिया में कम ही मौके दिए जाते हैं और संघर्ष भी कर्नाटक या मुंबई के खिलाड़ियों की तुलना में ज्यादा करना पड़ता है।

पिछले दिनों शुरुआती सफलता के बाद ईशान की भी खेल से इतर या अलग जिस तरह से व्यस्तता बढ़ी है, उसका असर उनके प्रदर्शन पर साफ दिखाई पड़ा है। हर दम मौज-मस्ती पसंद करने वाले खिलाड़ी के रूप में वह अपनी एक चर्चित छवि बना चुके हैं, इससे समय रहते उबरने में ही उनकी भलाई है।

याद कीजिए, विनोद कांबली भी बहुत प्रतिभावान थे, पर मौज-मस्ती की ही भेंट चढ़ गए। मैदान में भी कांबली मस्ती या मजाक से बाज नहीं आते थे, नतीजा क्या हुआ, दुनिया जानती है। कांबली ने तो आते ही खुद को साबित कर दिया था, पर किशन ने अभी अपने को पूरी तरह साबित नहीं किया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें अनुबंध लायक भी नहीं समझा है। एक ही रास्ता है, किशन को अपने बल्ले से अनुबंध छीनना होगा, वरना बिहार तो हारने के लिए ही जाना जाता है।

महेंद्र सिंह धौनी को छोड़ दीजिए, बिहार से निकले खिलाड़ियों की एक पूरी सूची है, जिसे देखकर कतई गर्व नहीं होता है। गया जिला से जुड़े पृथ्वी शॉ की उम्र 24 ही है, पर उनकी फिटनेस और प्रदर्शन सवाल लगते रहे हैं। वह वाजिब चमक नहीं बिखेर पा रहे हैं, शायद रन बनाने की भूख शांत हो गई है। भारतीय टीम में उन्होंने अभी तक मिले मौकों को गंवाया है। गोपालगंज के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार तीस साल के हैं और अपनी चमक बिखेर रहे हैं। सबसे ज्यादा उम्मीदें तेज गेंदबाज मयंक यादव से है, वह महज 21 साल के हैं और उनके पास जो गति है, उसकी बड़ी तारीफ हो रही है। वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं।

पर इन तमाम खिलाड़ियों से भी ज्यादा प्रतिभा ईशान किशन में है। अगर वह खेल पर ध्यान लगाएं, तो वह लंबी दूरी तय कर सकते हैं। ऊंचाई ज्यादा नहीं है, लेकिन वह गेंद पर जिस तरह से प्रहार करते हैं, उससे उनकी बल्लेबाजी चमक उठती है और गेंदबाज दहशत में पड़ जाते हैं।

वरिष्ठों की सलाह पर गौर करना जरूरी है। आज के समय आप अगर भारतीय टीम प्रबंध को नाराज करने का खतरा उठा रहे हैं, तो आपको अपने बल्ले से इसका जवाब देना होगा। भारतीय क्रिकेट में 24 वर्षीय शुभमन गिल और 25 वर्षीय ईशान में कप्तान बनने की क्षमता है। शुभमन तो जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए टेस्ट में चार शतक, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में 6 शतक और ट्वंटी ट्वंटी अंतरराष्ट्रीय में भी एक शतक जड़ चुके हैं, नतीजा यह कि वह गुजरात की आईपीएल टीम के कप्तान हैं। अब देखना है कि किशन अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए कम आगे आते हैं?

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