लौह पुरुष तो एक ही थे सरदार वल्लभभाई पटेल
(सरदार वल्लभभाई पटेल, महान राजनेता की कहानी) छायादार पेड़ हो या इंसान, किसी एक दिशा में नहीं, अनेक दिशाओं में बढ़ता है। जो बाहर से कड़क लगता है, वह अंदर नरम भी हो सकता है। ऐसे सज्जन भी होते हैं, जो समय की नजाकत या जरूरत देखते हुए खुद को अंदर या बाहर से कभी …


