August 15, 2026

लौह पुरुष तो एक ही थे सरदार वल्लभभाई पटेल

(सरदार वल्लभभाई पटेल, महान राजनेता की कहानी) छायादार पेड़ हो या इंसान, किसी एक दिशा में नहीं, अनेक दिशाओं में बढ़ता है। जो बाहर से कड़क लगता है, वह अंदर नरम भी हो सकता है। ऐसे सज्जन भी होते हैं, जो समय की नजाकत या जरूरत देखते हुए खुद को अंदर या बाहर से कभी …

लौह पुरुष तो एक ही थे सरदार वल्लभभाई पटेल Read More »

बिहार की पहचान बनाने वाले सच्चिदानंद सिन्हा

(संविधान निर्माता सच्चिदानंद सिन्हा की कहानी) यह भी गजब प्रदेश है, जिसकी पीठ में रीढ़ की तरह मैया गंगा गुजरती हैं। वह जैसे ही बिहार की माटी का स्पर्श करती हैं, कर्मनाशा और घाघरा आ मिलती हैं। उत्तर में हिमालय की ओर से आ रही गंडक , उसके बाद बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला, कोशी क्रमश: …

बिहार की पहचान बनाने वाले सच्चिदानंद सिन्हा Read More »

वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत लिखने वाले के साथ क्या हुआ था?

(राष्ट्रगीत वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इस गीत की पृष्ठभूमि कैसे तैयार हुई, पढ़िए) बहुत मजबूरी के दिन थे। भारत में भी अंग्रेजों का यह गीत लोग गाने लगे थे, ‘भगवान हमारे दयालु राजा को बचाएं! / हमारे महान राजा अमर रहें!/ उसे विजयी बनाकर भेजें/ खुश और गौरवशाली/ हम …

वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत लिखने वाले के साथ क्या हुआ था? Read More »