September 15, 2024

गंगा कभी-कभी उल्टी भी बहती है

भिखारी ठाकुर, प्रसिद्ध लोक कलाकार सागर के स्वभाव में ही ऐसा उफान है, जो देखने वाले के तन-मन में ज्वार का रोग लगा देता है। उस दिन यही तो हुआ था। एक युवा हजाम सागर के पास अचंभित खड़ा था, ठीक वैसे ही जैसे कभी रामजी के साथ आए वानर खड़े होंगे। पहली बार सागर …

गंगा कभी-कभी उल्टी भी बहती है Read More »

16 साल पहले भी मैं यही सोचता था

(दिसंबर 2008 में मैंने यह लिखा – अपने ब्लॉग ज्ञानघर पर। आज भी मेरी सोच पत्रकारिता और अपने बारे में ऐसी ही है। ) मैंने खबरों के साथ-साथ विचारों की भी पत्रकारिता खूब की है, अत: तमाम पार्टियों के विचारों से मैं करीबी से रू-ब-रू हुआ हूं। सपा, बसपा हो या भाजपा या कांग्रेस या …

16 साल पहले भी मैं यही सोचता था Read More »