गंगा कभी-कभी उल्टी भी बहती है
भिखारी ठाकुर, प्रसिद्ध लोक कलाकार सागर के स्वभाव में ही ऐसा उफान है, जो देखने वाले के तन-मन में ज्वार का रोग लगा देता है। उस दिन यही तो हुआ था। एक युवा हजाम सागर के पास अचंभित खड़ा था, ठीक वैसे ही जैसे कभी रामजी के साथ आए वानर खड़े होंगे। पहली बार सागर …

