हृदय वही, जो कोमल है

दिलीप कुमार उपाध्याय (मेरे बड़े भैया की कलम से) दशरथनंदन श्रीराम के प्रति आदर्श भक्ति के बारे में यों तो श्रीमद् गोस्वामी तुलसीदास के साथ-साथ अन्य पूर्ववर्ती और परावर्ती भगवत भक्तों और महामुनियों तथा मनस्वियों ने विभिन्न प्रकार के पहलुओं को प्रमाणित तथा चरितार्थ किया है तथा नवधा भक्ति को सर्वसमर्थ और प्रासंगिक तथा प्रामाणिक …

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