एक मनोज वाजपेयी काफी हैं
फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ आम लोगों के खास संघर्ष की बेमिसाल कहानी है। अब तक जो बायोपिक फिल्में बनी हैं, उनमें यह एक बेहतरीन पेशकश है। गाजे-बाजे, तामझाम, बनावटीपन से दूर रहते हुए भी यह फिल्म दर्शकों को बांधे रहती है। जब आप समाज के किसी सच को बिना-लाग लपेट उठाते हैं, तो …
