यह गुलमोहर शर्मिला नहीं है
भाग – एक गुलमोहर फिल्म कुछ दिन पहले ही देख लिया था। चकित था, बहुत दिनों बाद एक ऐसी आधुनिक, पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म आई है। फिर एक दिन सुबह प्रिय माननीय वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण जी का एक संदेश आया, ‘देखिए, गुलमोहर, मैंने भी एक छोटा सा काम किया है, पार्क में शर्मिला जी …
